भारत से अहलेबैत समाचार एजेंसी (अबना) संवाददाता की रिपोर्ट के अनुसार अवध के नवाबों के शहर लखनऊ में वक़्फ़ नवाबीन-ए-अवध कमेटी की ओर से 10 मोहर्रम को शाही ज़रीह निकालने को लेकर रूस्तमनगर, लखनऊ स्थित दरगाह हज़रत अब्बास पर ज़ोरदार धरना-प्रदर्शन किया गया। धरने के दौरान लोगों को सम्बोधित करते हुए विभिन्न वक्ताओं ने कहा कि शाही जुलूसों का आम जुलूसों से कोई समझौता नहीं हो सकता है और नाहि इन जुलूसों का कोई मेल किया जा सकता है। धरने के माध्यम से उत्तर प्रदेश के राज्यपाल श्री बी. एल. जोशी तथा मा. मुख्यमंत्री मायावती को मांगपत्र भेजकर 10 मुहर्रम को हुसैनाबाद स्थित छोटे इमामबाड़े से शाही ज़रीह निकलवाकर सआदतगंज स्थित रौज़ए काज़मैन तक ले जाकर दफ़्न कराने की मांग की। ग़ौरतलब है कि इस सम्बंध में प्रत्येक वर्ष विभिन्न संगठनों के माध्यम से प्रदर्शन होते हैं। कमेटी के सदस्यों ने कहा कि अगर 22 नवम्बर तक सरकार ने जुलूस के सम्बंध में कोई आश्वासन नहीं दिया तो विभिन्न संगठन मिलकर विशाल स्तर पर धरना-प्रदर्शन करेंगे एवं पहली मुहर्रम से विभिन्न संगठनों के सदस्य गिरफ़्तारी देने के लिए बाध्य होंगे। धरना-प्रदर्शन में जावेद नवाब , सादिक़ मिर्ज़ा, अफ़सर मिर्ज़ा, फ़ाज़िल हुसैन तथा अन्सार रिज़वी आदि लोग शामिल हुए।
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